Friday, May 4, 2012

premchand

और कुछ खोए हुए अवसरों को ही तो जीवन कहते हैं 

Thursday, March 22, 2012

दिन


आँखों ने एक सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए एक दिन निश्चित कर लिया.
वो दिन हर सुबह सवेरा होने से पहले ही आ जाता और शाम ढलने के बाद अपना सा मुंह लेकर चला जाता .
 फिर एक दिन , दिन बूढा हो गया और मर गया .

Thursday, March 15, 2012

ठूंठ

तुम क्या कहोगे?
की देखो ऐसा करो
ये न करके वो करो
की ये जो मैंने किया
ये तो निहायत बेवकूफी है
वगेरह वगेरह
...
और ये सब कह कर
तुम कहोगे की तुम कुछ नहीं कह रहे
और मैं वहीँ रह जाऊंगा
वैसा का वैसा    

Tuesday, February 14, 2012

चाँद और सूरज

इस पूरी  दुनिया में एक ही हैं.
इनपर या तो सभी का हक़ है, या फिर किसी का नहीं.

Friday, February 3, 2012

दो टूक

सच्चा प्रेम भगवान् की तरह होता है ;
इसे कभी पाया नहीं जा सकता 

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ईश्वर बारिश की तरह होते हैं
कभी होते हैं, कभी नहीं होते हैं

Wednesday, January 25, 2012

सर्द मौसम
सुनसान रात 
घबराई तबियत
और
तन ढकने को बस
 यादों से तर एक चादर

Thursday, December 22, 2011

?

what was it that i just learnt? that i shall never forget .